Friday, 21 August 2015

साथ

तेरा साथ मेरा हर वक्त खास है,

तेरे बाँहों के घेरे में एक सुकून का एहसास है।  

जो देखूँ तेरी आँखों में दिल फिर से धड़क जाता है,

न जाने इनमें ऐसी कौन सी बात है। 

बस सोचता हूँ थम जाए ये पल वहीं ,

जब तू मेरे साथ हो। 

जी भर के तुझे प्यार करुँ और न बिछड़ने का एहसास हो,

खो जाऊँ तेरे इन आँखों की गेहराइयों में,

गुम हो जाऊँ कहीं तेरी जुल्फों की छाओं में,

कर सकूँ तुझे इतना प्यार की तेरी हर उदासी को दूर कर दूँ। 

मैं भुला दूँ तेरे सभी गमों को और खुशी का जहाँ दूँ। 

फिर न  गम होगा न कोई उदासी होगी। 

फिर न मुझे कुछ पाने की ख्वाइश होगी। 

बैठी रहे तू मेरे पास मेरी बाँहों में ,

और थम जाये ये पल  वहीँ,

 जब तू मेरे साथ हो।